धनी मी पति वरिन,Dhani Mi Pati Varin

धनी मी, पति वरिन कशी अधना ।
पति जरि अधन, निधनसम,
मानी भामा विफल इतर सुगुणा ॥


प्रखर पराक्रम वीर भानु भुलवित उषा रक्तवदना ।
तोचि निकट मग जातां जाळी तिजला, ऐशी भीति मना ॥