~ 0 Comments

ॐकार अनादि अनंत अथांग Omkar Anadi Anant Athang

ॐकार अनादि अनंत अथांग अपरंपार

नाद ब्रम्ह परमेश्वर सगूण रूप साकार


सूर स्पर्श सूर श्रवण

स्वर गंधित आश्वासन

तिमिराच्या गर्भी स्वर तेजोमय हुंकार



सूर साध्य स्वर साधन

सूर रूप स्वर दर्पण

स्वर भाषा स्वर चिंतन स्वर विश्वाकार


सप्तसूर स्वर्ग सात

स्वर सांत्वन वेदनांत

सुखनिधान संजीवक शाश्वत अमृतधार


Leave a Reply