जय जय कुंजविहारी

जय जय कुंजविहारी, घन:श्याम मुरारी
तव विजय दुंदुभी दुमदुमते संसारी

रे नंदनंदना तव करुणेचा पूर
करितसे लिलया दुरित संकटे दूर
भवभय हारी, भक्तांचा कैवारी

Lyrics -  Vidyadhar Gokhale  विद्याधर गोखले
Music    -     Vasant Desai वसंत देसाई
Singer   -  Bhalchandra Pendharkar   भालचंद्र पेंढारकर
Natak    -    शाब्बास बिरबल शाब्बास